पार्ट -1
रश्मि 20 साल की थी। पिछले 3 साल से 12 वीं क्लास में ही फेल हुए जा रही थी। वहीं उसका बड़ा भाई अमित जो सिर्फ 22 साल का ही था, वह ग्रेजुएशन भी कर चुका था और बैंक में अफ़सर भी बन चुका था। मम्मी पापा इसलिए भी परेशान थे कि 12 वीं फेल लड़की की शादी करनी मुश्किल थी। दरअसल रश्मि बेहद खूबसूरत होने के बाबजूद पढ़ाई लिखाई में कमजोर थी या फिर उसका पढ़ाई लिखाई में मन ही नही लगता था। इसके ठीक उलट अमित पढ़ाई लिखाई में हमेशा आगे रहता था और उसने ग्रेजुएशन के बाद बैंक का कम्पटीशन भी पास कर लिया और 22 साल में ही बैंक में अफ़सर भी बन गया था । रश्मि और अमित के पापा विनोद की किराने की दुकान थी और मम्मी आशा हाउसवाइफ थीं। मम्मी पापा को यह चिंता थी कि 12 वीं फेल लड़की से शादी कौन करेगा। एक दिन रात को जब सब मिलकर डिनर की टेबल पर बैठे हुए थे, अमित के पापा विनोद ने अमित को यह कहा: देखो बेटा, रश्मि 3 सालों से फेल होकर 12 वीं क्लास में ही अटकी हुई है। तुम अब इसकी पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर किसी तरह इसे ग्रेजुएशन तो पास करवा दो। इससे पहले कि अमित कुछ बोलता, उसकी मम्मी आशा ने भी रश्मि की तरफ देखते हुए कहा: आज से तुम्हारी पढ़ाई लिखाई अमित के जिम्मे है। अमित तुम रश्मि की पूरी सख्ती के साथ पढ़ाई करवाओ। अमित यह सब सुनकर बहुत खुश हो रहा था क्योंकि अभी तक रश्मि उसकी पकड़ से बाहर थी। सगी बहन होने के बाबजूद अमित रश्मि की सेक्सी फिगर और उसके खूबसूरत बदन पर एकदम फिदा था लेकिन उसे जिस मौके की तलाश थी वह उसे खुद ब खुद ही मिल गया था। मम्मी पापा की बात सुनकर अमित ने भी यह कहते हुए हामी भर दी: पापा दिन में तो मैं बैंक में होता हूँ। रात को डिनर के बाद मैं हर रोज रश्मि को 2 घण्टे पढ़ा दिया करूँगा। पापा ने अमित को खुली छूट देते हुए कहा: तुम इसे कब, कैसे और कहाँ पढ़ाओगे, वह सब तुम जानो। तुम्हे जैसे तैसे करके इसे ग्रेजुएशन करवा देनी है। अमित बोला : ठीक है, कल से हर रोज डिनर के बाद रश्मि मेरे कमरे में ट्यूशन पढ़ने आ जायेगी। मैं इसकी पढ़ाई लिखाई इतनी बढ़िया करवा दूंगा कि इस बार यह 12 वीं फेल नही, बल्कि 12 वीं पास होकर ही रहेगी।
अमित के मम्मी पापा और रश्मि ग्राउंड फ्लोर पर ही रहते थे। अमित का कमरा फर्स्ट फ्लोर पर था। अगले दिन डिनर की टेबल पर ही अमित ने रश्मि को रौबीले ढंग से हिदायत दे डाली: जल्द ही अपनी कॉपी और किताब लेकर मेरे कमरे में पहुंचो। हर रोज रात को 9 बजे से 11 बजे तक तुम्हारी पढ़ाई मैं करवाऊंगा।
दरअसल अमित रश्मि को पढ़ाई कराने के साथ साथ उसके साथ मस्ती करने के मूड में भी लग रहा था। रश्मि वैसे तो अमित को ज्यादा मुंह लगाती नही थी, लेकिन अब वह एक तरह से अमित के चंगुल में फंस चुकी थी।
ठीक 9 बजे रश्मि अमित के कमरे में अपनी कॉपी किताबें लेकर पहुंच गई। रश्मि ने सफेद रंग का एक टॉप और लाल रंग का निक्कर पहना हुआ था जिसमे उसकी दूधिया जांघें और टांगे साफ दिख रही थीं। अमित का लंड रश्मि को देखते ही कड़क हो गया था।
अमित भी इस समय एक टी शर्ट और निक्कर ही पहने हुए था जिसके अंदर उसका खड़ा लंड बाहर आने को मचल रहा था। अमित होशियार था और उसे मालूम था कि रश्मि को कैसे जाल में फंसाना है।
अमित ने रश्मि को हिदायत देते हुए कहा: तुम्हे मैं मैथ, इंग्लिश और एकाउंट्स हफ्ते में 2-2 दिन पढ़ाऊंगा। इन्हीं 3 विषयों में तुम्हारे नम्बर कम आ रहे हैं। संडे वाले दिन इन तीनों विषयों का रिवीजन किया जाएगा। हर रोज तुम्हे होम वर्क मिलेगा। होम वर्क न करने पर या गलत करने पर तुम्हे सख्त सजा मिलेगी । इसलिए मस्ती छोड़कर अब पढ़ाई को लेकर सीरियस हो जाओ।चलो अब मैथ की किताब निकालो।
रश्मि ने मैथ की किताब निकालकर अमित को दे दी। अमित ने रश्मि को समझा समझाकर एक चेप्टर के 3 सवाल हल करवा दिए और फिर कहा: अगर कुछ समझ नही आया हो तो दुबारा पूंछ सकती हो। रश्मि बोली : सब समझ आ गया है।
अमित ने बिना किसी देरी के रश्मि से कहा: यह पांचवा सवाल करके दिखाओ। अभी 10 बजे हैं। तुम्हारे पास इस सवाल को हल करने के लिए 15 मिनट हैं। अब शुरू हो जाओ।
रश्मि मैथ का सवाल करने में लग गयी और अमित अपने मोबाइल में कुछ पोर्न क्लिप देखने लगा। 15 मिनट बाद जब अमित ने पूछा: कर लिया सवाल ? लाओ दिखाओ।
रश्मि टेंशन में थी।वह सवाल अभी तक कर ही नहीं पाई थी।
रश्मि बहुत सहमी सहमी सी बोली : सवाल तो नही हुआ। बहुत मुश्किल लग रहा है। थोड़ा समय और लगेगा।
अमित का लंड तो पहले ही बेकाबू हुए जा रहा था। वह इस हाथ आये सुनहरे मौके को भला कहाँ छोड़ने वाला था। वह कड़क और रौबीली आवाज़ में रश्मि से बोला : खड़ी हो जा। अब तुझे सख्त सजा मिलेगी।
रश्मि सहमकर खड़ी हो गई।
अमित उसकी तरफ देखकर बोला: आज पहली बार है इसलिए आसान सज़ा दे रहा हूँ। चल अपनी शर्ट और निक्कर उतार और कान पकड़कर गिनती करते हुए 100 उठक बैठक लगा।
रश्मि को काटो तो खून नही। उसे सपने में भी यह उम्मीद नही थी कि उसका भाई उसे इस तरह की सज़ा देने की सोच भी सकता है वह भी उसके कपड़े उतरवाकर।
रश्मि गिड़गिड़ाते हुए बोली : प्लीज़ मेरे कपड़े मत उत्तरवाओ।
अमित हंसते हुए बोला: जल्दी कर। ज्यादा नखरे दिखाएगी तो बिल्कुल नंगा करके उठक बैठक लगवाऊंगा।
कोई और रास्ता न देख, मजबूर होकर रश्मि ने अपनी शर्ट और निक्कर उतार दिया। अब उसके खूबसूरत दूधिया बदन पर सिर्फ सफेद रंग की ब्रा और पैंटी ही बची थी।
अमित उसकी सेक्सी फिगर वह भी बिना कपड़ों के, पहली बार देख रहा था। उसकी हिम्मत अब बढ़ चुकी थी। वह रश्मि से बोला: इधर मेरे पास मेरी टाँगों के बीच मे खड़ी होकर उठक बैठक लगा।
रश्मि समझ गयी थी कि अमित उसके साथ बदमाशी कर रहा है लेकिन वह विवश थी। अमित सोफे पर बैठा था। उसने अपनी टांगे फैलाकर रश्मि के लिए जगह बना दी और रश्मि शर्म और जलालत की वजह से आँखे बंद करके उठक बैठक लगाने लगी।
जैसे ही रश्मि ने कान पकड़कर उठक बैठक लगाना शुरू किया, वैसे ही अमित ने अपने मोबाइल में उसकी उठक बैठक का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। रश्मि बिना गिनती बोले उठक बैठक लगाए जा रही थी। जब कुछ देर तक रश्मि बिना किये उठक बैठक लगा चुकी तो अमित उससे बोला: गिनती बोले बिना उठक बैठक काउंट नही होगी, यह मैंने पहले ही बताया था। अब 1 से शुरू करो और 100 उठक बैठक लगाओ। रश्मि फिर से गिड़गिड़ाने लगी : भैया यह सजा बहुत ज्यादा सख्त है। प्लीज़ कुछ और आसान सज़ा दे दो।
अमित समझ गया था कि अब रश्मि उसके चंगुल में पूरी तरह फंस चुकी है। रश्मि की चिकनी दूधिया जांघों पर हाथ फिराते हुए अमित उससे पूछने लगा: आसान सजा चाहिए ?
रश्मि बड़ी उम्मीद से बोली : हाँ भैया
अमित : ठीक है। नीचे घुटनों के बल बैठ और मेरा लंड अपने मुंह मे लेकर इसे चूस।
रश्मि : मैं आपकी छोटी बहन हूँ । यह कैसे कर सकती हूँ। प्लीज़ ऐसा मत करो मेरे साथ।
अमित : ठीक है तो फिर कान पकड़कर 100 उठक बैठक लगा और गिनती भी करती जा। नही तो वह कर जो मैं कह रहा हूँ।
कोई और रास्ता न देख रश्मि अमित के सामने घुटनों के बल बैठ गयी। अमित अब तक अपना निक्कर उतार चुका था। अमित ने अपने खड़े हो चुके लंड को काफी देर तक रश्मि के गालों और होंठो पर फिराया और फिर उसे रश्मि के होंठों पर टिकाते हुए बोला: चल मुह खोल और इसे अंदर लेकर चूस।
रश्मि ने अमित के लंड को लेकर जैसे ही
चूसना शुरू किया अमित उसका भी वीडियो मोबाइल में बनाने लगा। अमित का इरादा यही था कि इन्हीं वीडियो के बल पर वह रश्मि को हमेशा ब्लैकमेल करके अपने इशारों पर नचाता रहेगा।
रश्मि अमित का लंड चूस रही थी लेकिन फिर भी अमित बीच बीच मे उसके मखमली गालों पर हल्के हल्के चपत लगाते हुए उसे कह रहा था: ठीक से चूसो। अपनी जीभ को इस पर इस तरह घुमाओ जैसे इसकी मालिश कर रही हो। रश्मि ने अपनी जीभ को उसके लंड पर उसी तरह घुमाना शुरू कर दिया जैसा कि वह चाहता था। कुछ ही देर में अमित अपने क्लाइमेक्स पर आ गया और उसने अपने वीर्य रस की पिचकारी रश्मि के मुह में छोड़ते हुए उससे कहा: इसे पी जा। एक भी बूंद बाहर गिरी तो और सज़ा मिलेगी।
रश्मि जब अमित का लंड चूसकर उसका सारा वीर्य रस पी चुकी तो अमित ने उसे फिर से हुक्म दिया: यह गीला हो गया है। इसे अपनी जीभ से चाटकर साफ भी कर।
रात के पौने ग्यारह बज चुके थे। अमित ने अब रश्मि से कहा: चल अब अपने कपड़े पहन लें और अपनी मैथ की बुक दुबारा से लेकर मेरे पास आ।
रश्मि मैथ की बुक लेकर अमित के पास आ गयी तो उसने वही सवाल जो रश्मि नही कर पाई थी, उसे नोट बुक पर हल करके समझाया और यह भी कहा कि इस चैप्टर के बाकी के बचे 5 सवाल हल करके कल होम वर्क में लेकर आने हैं। अगर होम वर्क नही किया या सवाल गलत किये तो फिर से सजा मिलेगी।रश्मि घबराई और डरी हुई अपनी किताब और नोट बुक लेकर वहाँ से ऐसे निकली मानो अपने भाई के कमरे से नहीं, बल्कि किसी जेलखाने से निकल कर आ रही हो।
अगले दिन रात को ठीक 9 बजे रश्मि फिर से अमित के कमरे में पहुंच गई। अमित ने बिना कोई समय बर्बाद किये रश्मि से कहा: कल जो होम वर्क दिया था, उसे चेक कराओ।
रश्मि ने अपनी नोट बुक निकाल कर अमित के हाथ मे दे दी। अमित ने कुछ देर तक नोट बुक में उसके होम वर्क को देखा और बोला: 5 सवालों में से तुमने सिर्फ एक सवाल ही ठीक से किया है। बाकी सब गलत हैं।
रश्मि तो पहले ही बहुत सहमी हुई थी। वह डरी हुई अमित की तरफ देखने लगी। रश्मि के हाव भाव देखकर अमित का लंड एकदम खड़ा हो चुका था। रश्मि ने आज भी शर्ट और निक्कर ही पहना हुआ था जिसमे उसकी दूधिया संगमरमरी जांघें साफ दिख रही थीं। अमित लेकिन जल्दी में नही था। वह रश्मि से बोला: तुम्हारे 4 सवाल गलत हैं। उसके लिए तुम्हे सज़ा बाद में मिलेगी। अभी मैं दुबारा से इन्ही 4 सवालों को समझा समझा कर हल करवाऊंगा। उस पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि यह सवाल समझ मे आने पर ही आगे का चैप्टर शुरू हो सकता है। इसके बाद अगले एक घण्टे में अमित ने चारों सवाल समझाकर हल करवा दिए। अगले चैप्टर को समझाकर उसका भी एक सवाल हल करके बता दिया और उस चैप्टर के बाकी बचे चार सवालों को कल के होम वर्क के लिए रश्मि को दे दिया।
यह सब करते करते 10 बज गए तो अमित बोला: अब पनिशमेंट टाइम शुरू होता है। चलो मेरे पास आकर खड़ी हो जाओ। रश्मि अमित की दोनों टाँगों के बीच मे जाकर खड़ी हो गयी।
अमित अपने निक्कर में कैद लंड पर हाथ फिराते हुए रश्मि से बोला: चल अपने सारे कपड़े उतार । आज तुझे ऐसी सज़ा मिलेगी कि कल से तेरे सारे सवाल ठीक होने लगेंगे। अमित के हाथ मे आज एक बेंत भी था।
डरी सहमी रश्मि ने फटाफट अपनी शर्ट और निक्कर उतार दिए।
अमित की हिम्मत अब बढ़ चुकी थी। वह मुस्कराता हुआ बोला: ब्रा और अंडरवियर भी उतार। बिल्कुल नंगी हो जा।
पार्ट-2
रश्मि हाथ जोड़कर अमित के आगे गिड़गिड़ाने लगी: भैया बिल्कुल नंगा मत करो प्लीज़। बहुत शर्म आ रही है।
अमित : जल्दी कर । मेरा समय बर्बाद मत कर । नंगी नही हुई तो तुझे ऐसी ही हालत में ऊपर छत पर ले जाऊंगा।
अमित की धमकी सुनकर रश्मि ने अपनी ब्रा और अंडरवियर भी उतार दिए और अपने एक हाथ से अपने स्तनों को और दूसरे हाथ से अपनी योनि को ढकने की कोशिश करने लगी। अमित ने अब एक सीक्रेट कैमरा कमरे में फिट कर रखा था जो इस सब एक्टिविटी को रिकॉर्ड कर रहा था।
अमित : अपने दोनों हाथ ऊपर उठा और गोल गोल घूमकर अपना खूबसूरत बदन दिखा।
रश्मि हाथ ऊपर करके अपने बदन को गोल गोल घुमाकर उसकी नुमायश करने लगी। अमित उसके बदन पर अपना हाथ फेर फेर कर पूरी मौज़ मस्ती कर रहा था।
रश्मि के पूरे बदन को दबाने सहलाने के बाद अमित उससे बोला: अब तेरा पनिशमेंट शुरू होगा। नीचे घुटनों के बल बैठ।
रश्मि को लगा कि उसे अब फिर से अमित का लंड अपने मुंह मे लेकर चूसना होगा। लेकिन अमित के इरादे कुछ और ही थे। अमित ने अपने हाथ मे एक बेंत पकड़ लिया और रश्मि से बोला: अपने चेहरे को मेरी गोद मे रख। इस बेंत से तेरे नितम्बों पर 50 बार स्पैकिंग की जाएगी।
रश्मि ने अपना चेहरा अमित की गोद मे उसके अंडरवियर के ऊपर टिका दिया। अंडरवियर के अंदर अमित का लंड खड़ा हो चुका था। अमित ने रश्मि के चेहरे को पकड़कर उसे इस तरह से एडजस्ट कर दिया कि उसका चेहरा और होंठ उसके लंड पर ही टिके रहें।
अब अमित ने रश्मि के नितम्बों पर बेंत मारना शुरू कर दिया। बेंत के पहले स्ट्रोक में ही रश्मि जोर से उछली और बोली: नही भैया प्लीज़ मेरी स्पैकिंग की सज़ा माफ कर दो। आप जो कहोगे मैं वह करने के लिए तैयार हूं। बस स्पैकिंग नहीं करो प्लीज़।
अमित ने किसी पोर्न फिल्म में यह सीन देखा था कि हीरो अपनी हीरोइन को इसी तरह बिठा कर स्पैकिंग कर रहा था और लड़की स्पैकिंग की वजह से जब जब उछलती थी तो उसका चेहरा हीरो के खड़े लंड पर रगड़ खाता था। अमित उस मजे को छोड़ना नही चाहता था। वह रश्मि से बोला: देख तेरी 50 बार स्पैकिंग तो होगी। मैं यह रियायत कर रहा हूँ कि बेंत के सिर्फ 10 स्ट्रोक लगाए जाएंगे और बाकी 40 स्ट्रोक मैं तेरे नितम्बों पर अपने हाथ से ही लगाऊंगा। इसके बाद अमित ने 9 स्ट्रोक रश्मि के नितंबों पर और लगाए और उसके उछलने का भरपूर मज़ा लिया।
रश्मि को अब उसने उल्टा करके अपनी दोनों टाँगों पर लेटने का हुक्म दिया। रश्मि का चेहरा अब अमित की जांघों पर टिका हुआ था और उसके दोनों स्तन अमित के लंड पर टिके हुए थे। अमित ने रश्मि को इसी पोजीशन में पहले तो खूब दबाया सहलाया और फिर अपने हाथ से उसके नितम्बों की स्पैकिंग शुरू कर दी।
हैंड स्पैकिंग से भी रश्मि अमित की गोद मे उछलने लगी। रश्मि जितना उछल रही थी, अमित को उतना ज्यादा मज़ा आ रहा था।
40 बार हैंड स्पैकिंग करने के बाद अमित का लंड एकदम बेकाबू हो चुका था। अमित ने अपना लंड निकालकर रश्मि के मुंह मे डाल दिया और बोला: इसे अपनी जीभ से सहला सहला कर मालिश कर और इसके वीर्य रस को निकलते ही पी जाना । एक भी बूंद गिरी तो बेंत से स्पैकिंग होगी।
कुछ ही देर में अमित को क्लाइमैक्स आ गया और उसने अपने वीर्य रस की पिचकारी रश्मि के मुंह मे छोड़ दी। रश्मि एक आज्ञाकारी सेक्स स्लेव की तरह उसका सारा वीर्य निगल गयी। दो दिनों के अंदर ही रश्मि अमित की पक्की सेक्स स्लेव बन चुकी थी। अमित की मौज़ ही मौज़ थी क्योंकि उसने अब रश्मि को ब्लैकमेल करने के लिए सारी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। रश्मि के साथ की जाने वाली सारी बदमाशियां उसने वीडियो में रिकॉर्ड कर ली थीं।
11 बजने ही वाले थे। अमित रश्मि से बोला: चल अब फटाफट अपने कपड़े पहन और नीचे जा।
रश्मि ने कपड़े पहने और अपनी नोट बुक वगैरा उठाकर अमित के कमरे से बाहर निकल गयी।
पार्ट-3
अगले दिन संडे होने की वजह से अमित देर तक बिस्तर पर ही लेटा सोता रहा । उसकी आंख तब खुली जब रश्मि ने आवाज़ लगाई: भैया उठो मैं आपके लिए बेड टी लेकर आई हूँ ।
अमित ने घड़ी की तरफ देखा तो सुबह के 9 बज रहे थे । रश्मि उसके सामने एकदम फ्रेश होकर आयी थी और चाय की ट्रे उसने सेंटर टेबल पर रख दी थी। संडे था इसलिए रश्मि की भी आज छुट्टी थी और वह भी घर पर ही थी।
रश्मि चाय रखकर वापस जाने लगी तो अमित ने उसे रोक लिया: मेरी परमिशन के बिना कहाँ जा रही है ? लगता है कल रात की पनिशमेंट भूल गयी है।
रश्मि एकदम सहमकर वहीं रुक गयी और अमित की ओर देखने लगी।
अमित ने कड़क आवाज़ में उससे कहा: दरवाज़ा अंदर से बंद करो।
रश्मि ने दरवाजा बंद कर दिया।
अमित बिस्तर पर अधलेटा होकर बैठा हुआ था।
अमित : चाय लेकर मेरे पास आओ।
रश्मि ने चाय का कप ट्रे में से उठाया और अमित के हाथ मे पकड़ा दिया।
अमित अब उससे बोला: जितनी देर में मैं चाय पी रहा हूँ तुम ऐसा करो बिस्तर पर आकर मेरा लंड अपने मुंह मे लेकर मुझे खुश करो।
रश्मि : भैया सुबह सुबह यह सब मत करो प्लीज़।
अमित : चुप रह। मुझे मालूम है कि तेरे साथ कब क्या करना है। मेरी बात एक बार मे ही नही मानने की भी तुझे सज़ा मिलेगी। अब पहले सब कपड़े उतार और फिर मेरा लंड चूस।
बेबस होकर रश्मि ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और बिस्तर पर बैठकर अमित के लंड को अपने मुंह मे लेकर चूसने लगी। अमित चाय खत्म करके कप को साइड टेबल पर रख चुका था। अब वह अपने मोबाइल में रश्मि के इस ब्लोजॉब की रिकॉर्डिंग करने लगा।
रश्मि से लन्ड चुसवाने के बाद अमित उससे बोला: अब कपड़े पहन और यहाँ से भाग। आगे से हर छुट्टी वाले दिन मेरी चाय इसी तरह लेकर आना है और जब तक मेरी चाय खत्म न हो जाये, वही सब कुछ करना है जो आज किया है।
अमित की हिम्मत दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही थी। वह पोर्न फिल्मों में जो कुछ भी देखता था, वही सब कुछ वह अब रश्मि के साथ करना चाहता था। रश्मि उसके हाथ मे एक "सेक्स टॉय" की तरह थी जिसके साथ वह मनमाने ढंग से खेलना चाहता था।
दोपहर को लंच की टेबल पर अमित रश्मि और मम्मी पापा के साथ ही बैठा हुआ था।
पापा अमित से पूछने लगे: बेटा रश्मि की पढ़ाई लिखाई तो ठीक चल रही है न ?
अमित : पापा, रश्मि की पढ़ाई की चिंता आप बिलकुल छोड़ दो।यह इस बार अच्छे मार्क्स के साथ 12 वीं पास करके कालेज जरूर जाएगी।
अब मम्मी बोलने लगीं: बेटा हम लोग तो आज शाम को रतनपुर के लिए निकल रहे हैं। हमे एक हफ्ता लगेगा। कुछ जमीन जायदाद का झगड़ा है, वह निपटा कर ही आना है।
अमित की तो मानो लाटरी निकल आयी। वह बोला: हाँ हाँ, वह काम भी जरूरी है। आप इस बार उसे निपटाकर ही आना। रश्मि का चेहरा यह सुनकर एकदम सफेद पड़ गया कि एक हफ्ते तक उसे पूरी तरह अमित के इशारों पर नाचना पड़ेगा। लेकिन वह बेबस थी इसलिए उसने चुप रहना ही ठीक समझा।
पापा ने अब रश्मि की तरफ देखते हुए कहा: सुबह शाम दोनों वक्त सुनीता मेड से काम करवाना तुम्हारी जिम्मेदारी है बेटा।
रश्मि बोली : पापा सुनीता को मैं देख लूँगी। आप चिंता मत करो।
मम्मी भी बोलने लगीं: मैंने सुनीता की माँ से बात कर ली है। एक हफ्ते वह पूरे समय यहीं रहेगी। ताकि तुम लोगों को कोई दिक्कत न हो।
अमित का दिमाग अब सुनीता की तरफ चल पड़ा। सुनीता दरअसल 18 साल की खूबसूरत लड़की थी। उसकी मम्मी विमला पहले मेड का काम करती थीं। पति के गुजर जाने के बाद विमला ने अपने साथ साथ अपनी दोनों लड़कियों को भी मेड के काम पर लगा दिया था। सुनीता वैसे सुबह शाम आकर घर की साफ सफाई, बर्तन धोने के साथ साथ नाश्ते, लंच और रात का खाना भी बनाती थी। अब एक हफ्ते वह यहीं रहकर सब काम करेगी। उसे नीचे का एक कमरा भी देने का बंदोबस्त भी कर दिया गया था।
अमित ने मम्मी की तरफ देखकर कहा: मम्मी हम लोग सब मैनेज कर लेंगे। आप टेंशन मत लो। आराम से अपना काम निपटा कर आओ।
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Part-4
शाम को 6 बजे मम्मी पापा अपनी गाड़ी से रतनपुर निकल गए। अब घर पर सुनीता, रश्मि और अमित रह गए थे।
अमित का ध्यान पहले कभी सुनीता की ओर नहीं गया था। लेकिन सलवार सूट पहने 18 साल की सुनीता आज उसे बेहद सेक्सी माल नज़र आ रही थी। उसका शैतानी दिमाग अब सुनीता को अपने जाल में फंसाने की तरकीब सोचने में लग गया था। अपने आफिस में मेल करके अमित ने एक हफ्ते की मेडिकल लीव के लिये अप्लाई कर दिया ताकि वह एक हफ्ते तक घर पर इन दोनों लड़कियों के साथ मौज़ मस्ती कर सके।
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मम्मी पापा के जाने के बाद अमित ने सुनीता से कहा: तुम जरा ऊपर जाकर मेरे कमरे के साथ लगे बाथरूम की सफाई करो। बाथरूम एकदम चमकना चाहिए।
सुनीता को ऊपर भेजने के बाद अमित ने रश्मि से कहा: अपनी कापी किताब लेकर आओ और अपना होम वर्क चेक कराओ।
रश्मि अपनी नोट बुक वगैरा लेकर अमित के पास आ गयी। अमित होम वर्क में दिए गए उसके चारों सवाल चेक करने लगा। कुछ देर तक चेक करने के बाद अमित रश्मि से बोला: 2 सवाल सही हैं। 2 गलत हैं। पहले जो गलत सवाल हैं, उन्हें ध्यान देकर समझ लो। गलत सवालों की सज़ा बाद में मिलेगी।
इसके बाद अमित ने दोनों गलत सवालों को समझा समझाकर हल करवाया। इसके बाद उसने इंग्लिश की बुक लेकर इंग्लिश ग्रामर का पाठ रश्मि को समझाया और उसका होम वर्क भी कल के लिए दे दिया। रश्मि इग्लिश की बुक पढ़ने में लगी हुई थी। अमित इस बीच उठकर सुनीता के कमरे में गया और उसे चेक करने लगा। सुनीता अभी तक ऊपर अमित के कमरे के बाथरूम की साफ सफाई कर रही थी।
शाम के 7 बज चुके थे। सुनीता सफाई करके नीचे वापस आ गयी थी और किचन में खाना बनाने की तैयारी में लग गयी थी।
अमित भी रश्मि को इंग्लिश पढ़ाने में लगा हुआ था। उसे पता था कि इंग्लिश ग्रामर में रश्मि बेहद कमजोर है और उसीकी वजह जे वह इंग्लिश में फेल होती आई है। इसलिए वह रश्मि को जोर लगाकर ग्रामर ही पढ़ा रहा था। 8 बजे जब डिनर बन गया तो रश्मि की क्लास अमित ने खत्म करके डिनर शुरू कर दिया।
अमित ने सुनीता से भी कहा: तुम भी अपने कमरे में जाकर आराम से खाना खा लो।
9 बजे तक जब सब लोग डिनर कर चुके तो अमित ने पूरे घर का चक्कर लगाकर घर के मेन गेट को अंदर से बंद किया और फिर ऊपर अपने कमरे की तरफ चला गया।
रश्मि अभी भी सहमी हुई थी कि उसकी क्लास तो आज पूरी हो गई लेकिन अमित बिना सज़ा दिए ऊपर कैसे चला गया।
कुछ ही देर में अमित नीचे आया और रश्मि से बोला: ऊपर कमरे में मेरे पर्स में से 1000 रुपये किसी ने लिए हैं। कहीं यह रुपये सुनीता ने तो नही चुराए हैं।
इससे पहले की रश्मि कुछ बोलती, सुनीता अमित की आवाज़ सुनकर खुद अपने कमरे से बाहर आ गयी और बोली: नही साहब हम लोग गरीब हैं पर चोर नही हैं।
अमित सुनीता के कमरे में घुस गया और उसके बैग को चेक करने लगा। बैग में से 500 के दो नोट निकलते ही अमित सुनीता से कड़क आवाज़ में बोला: यह क्या है ? पुलिस को बुलाऊँ अब ?
सुनीता बहुत डर गई थी। वह कहने लगी: साहब हमे नहीं मालूम यह रुपये इस बैग में कहाँ से आये। हमने चोरी नही की है।
अमित के जाल में सुनीता धीरे धीरे फंसती जा रही थी।
अमित सुनीता से बोला: ऊपर मेरे कमरे मे चल। तुझसे बाकी पूछताछ वहीं की जाएगी।
इस तरह अमित सुनीता को लेकर अपने कमरे में आ गया।
कमरे में आकर वह सोफे पर बैठ गया और फोन हाथ मे लेकर कहने लगा: बोल पुलिस को बुलाऊँ या फिर.....
सुनीता गिड़गिड़ाने लगी: नही साहब पुलिस को मत बुलाओ। आप जो कहेंगे हम वह सब करने के लिए तैयार हैं। हमने चोरी नही की है लेकिन फिर भी अगर आप को लगता है कि हमने चोरी की है तो हमे आप खुद सज़ा दे सकते हैं। पुलिस को मत बुलाओ।
अमित का लन्ड एकदम कड़क हो चुका था क्योंकि सुनीता उसके जाल में पूरी तरह फंस चुकी थी।
अमित: तेरी तलाशी लेनी पड़ेगी अब। यह कहकर अमित सुनीता के पीछे चिपककर खड़ा हो गया और अपने दोनों हाथों से उसके बदन को दबाने सहलाने लगा। अमित अपने खड़े लन्ड को सुनीता के नितम्बों पर रगड़ रगड़ कर अपने हाथों से उसके कुर्ते में कैद स्तनों को दबाने सहलाने में लगा हुआ था।
सुनीता कुछ देर तक तो अमित की बदमाशी को बर्दाश्त करती रही फिर अचानक चिल्लाकर बोली: यह क्या बदमाशी कर रहे हैं साहब।
अमित सुनीता को छोड़कर फिर से सोफे पर जाकर बैठ गया और सुनीता से बोला: अब तक तो मैं आराम से पेश आ रहा था। अब तुझे पता चलेगा कि बदमाशी कैसे की जाती है। चल अपने कपड़े उतारकर नंगी हो जा। जल्दी कर। वरना पुलिस यहां आएगी और तुझे थाने में ले जाकर नंगा करेगी।
सुनीता सलवार कुर्ता पहने हुए थी। अमित के मुंह से पुलिस की बात सुनकर वह बहुत ज्यादा डर गई और झिझकते शर्माते हुए अपना कुर्ता उतारने लगी। कुर्ता उतारने पर उसकी लाल रंग की ब्रा नज़र आने लगी और उसमें कैद सुनीता के मस्त मम्मे भी अमित को दिखने लगे।
अमित अपने निक्कर में कैद लंड पर हाथ फेरते फेरते कड़क आवाज़ में बोला: जल्दी कर सलवार भी खोल अपनी। तू तो एकदम मस्त माल लग रही है।
सुनीता सलवार उतारने में हिचकिचाने लगी तो अमित फिर गुर्राया: लगता है पुलिस को फोन करना ही पड़ेगा।
पुलिस का नाम सुनते ही सुनीता ने फ़टाफ़ट अपनी सलवार भी खोलकर जमीन पर गिरा दी।
सुनीता की चिकनी जांघें और टांगें और उसकी सेक्सी फिगर अमित को बेकाबू किये दे रही थीं। इतनी जबर्दस्त और सेक्सी फिगर तो रश्मि की भी नही थी।
अब सुनीता के सेक्सी बदन पर सिर्फ एक ब्रा और पैंटी बची हुई थी।
अमित ने कुछ देर तक सुनीता की मस्त फिगर को अपनी आंखों से देखा और फिर कड़क आवाज़ में बोला : सब कुछ उतारो और नंगी होकर मेरे पास आओ। जल्दी करो।
सुनीता को मजबूरन ब्रा और पैंटी भी उतारनी पड़ी। वह एकदम निर्वस्त्र हो चुकी थी और अपने एक हाथ से अपने स्तनों को और दूसरे हाथ से अपनी योनि को ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। अमित लगातार अपने फ़ोन के कैमरे में निर्वस्त्र हो चुकी सुनीता का वीडियो बना रहा था।
अमित अब पूरी मस्ती में आ चुका था: अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और गोल गोल घूमती रहो। तेरी मस्त जवानी देखने के लिए और मेरे जैसे लौंडों की मौज़ मस्ती के लिए ही है।
सुनीता की कातिल फिगर अमित के सामने थी। उसका लंड एकदम कड़क होकर बेकाबू हुए जा रहा था। सुनीता हाथ ऊपर उठाकर गोल गोल घूम रही थी और उसके बदन की इस नुमायश का अमित मोबाइल में वीडियो बनाये जा रहा था।
कुछ देर बाद अमित ने अपना मोबाइल एक स्टैंड पर रख दिया और सुनीता से बोला: अब अपने हाथ उठाये उठाये मेरे नज़दीक आकर खड़ी हो।
सुनीता अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर अमित की टाँगों के बीच मे उसके बिल्कुल नज़दीक आकर खड़ी हो गयी।
अमित उसके मस्त मम्मे दबाने सहलाने लगा। उसके स्तनों को जी भरकर दबाने सहलाने के बाद अमित का हाथ उसके मखमली बदन पर घूमता हुआ उसकी नाभि और फिर उसकी योनि पर आकर टिक गया। कुछ देर अपना हाथ अमित ने उसकी योनि पर फिराया और फिर उसकी केले जैसी चिकनी जांघों को सहलाता हुआ वह सुनीता से बोला : चल नीचे बैठ और मेरा लन्ड अपने मुंह मे लेकर चूस।
सुनीता कुछ समझी नहीं इसलिए वह चुपचाप खड़ी रही। अमित समझ गया कि लड़की एकदम अनछुई है और एकदम ताज़ा माल है। यह सोचकर अमित का लन्ड और भी कड़क हो गया कि सुनीता एकदम कच्ची कली है।
सुनीता की योनि पर हाथ फेरते हुए अमित फिर से बोला: चल घुटनों के बल नीचे बैठ।
इस बार सुनीता घुटनों के बल नीचे बैठ गयी और अमित की तरफ देखने लगी।
अमित ने अपने लंड को बाहर निकाला और उसे सुनीता के होंठों पर रखता हुआ बोला: इसे अपने मुंह मे लेकर इस पर अपनी जीभ को गोल गोल घुमाओ।
सुनीता घबराई हुई थी और अमित के चंगुल में बुरी तरह फंस चुकी थी। उसने अमित का लन्ड अपने मुंह मे ले लिया और उस पर अपनी जीभ फिराने लगी।
सुनीता की मस्ती में अमित रश्मि के बारे में एकदम भूल चुका था। सुनीता हर लिहाज से रश्मि के मुकाबले में बहुत ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी माल थी। सुनीता के मुख मैथुन का भी अमित के मोबाइल पर वीडियो बन रहा था क्योंकि उसने अपने मोबाइल को कमरे में एक स्टैंड पर इस तरह से पोजीशन कर दिया था जहाँ से साफ साफ वीडियो बन सके। सुनीता जाहिर तौर पर पहली बार लंड चूस रही थी क्योंकि अमित उसके गालों पर चपत मार मार कर बार बार उससे कह रहा था: ठीक से करो। तुम्हारी जीभ मेरे लंड पर लगातार घूमती रहनी चाहिए।
अमित एकदम निरंकुश हो चुका था। उसे रोकने वाला कोई नही था। वह सुनीता को सेक्स टॉय की तरह इस्तेमाल कर रहा था। कुछ ही देर में अमित ने अपने वीर्य की पिचकारी सुनीता में मुंह मे छोड़ते हुए उससे कहा: यह सारा जूस पियो। इसकी एक बूंद भी बाहर गिरनी नही चाहिए। सुनीता से लंड चुसवाने के बाद अमित ने अपने लंड को सुनीता की जीभ से चटवा चटवा कर साफ भी करवाया और फिर उससे बोला: चल खड़ी हो और मेरे लिए एक गर्म कॉफी बनाकर ला। सुनीता उठकर अपने कपड़े पहनने लगी तो अमित ने उसे डांटते हुए कहा: तुझसे कपड़े पहनने के लिए किसने कहा? जब तक मेरी परमिशन न मिले तुझे इसी तरह निर्वस्त्र ही रहना है। चल ऐसे ही नीचे किचन में जा और मेरे लिए कॉफ़ी लेकर आ।
सुनीता बड़ी दुविधा में थी। नीचे रशिम के सामने वह नंगी हालात में कैसे जाएगी, वह यही सोचकर परेशान थी। अमित ने फिर से डांट लगाई तो वह उसी हालत में अपने स्तनों को और अपनी योनि को अपने हाथों से छिपाती हुई नीचे जाने लगी। अमित को मालूम था कि रश्मि खुद उसकी सेक्स स्लेव बन चुकी है, वह भला सुनीता के मामले में क्यों दखल देगी ? दरअसल अमित के पास इस समय दो दो खूबसूरत लड़कियाँ सेक्स स्लेव के तौर पर मौजूद थीं और उसे यह मालूम था कि वह दोनों ही पूरी तरह से उसके इशारों पर नाचने के लिए विवश थीं।
रात के 10 बज चुके थे। रश्मि डरी सहमी सी अपने कमरे में बैठी कल का होम वर्क कर रही थी। जैसे ही सुनीता नीचे किचन में घुसी, रश्मि कमरे से निकलकर किचन की तरफ देखने आ गयी कि इस समय सुनीता किचन में क्या कर रही है।
रश्मि जैसे ही किचन में घुसी तो वहाँ सुनीता को पूरी तरह नंगा खड़ा देखकर वह समझ गयी कि अमित ने चोरी का आरोप लगाकर सुनीता को भी अपने जाल में फंसा लिया है।






































